Wednesday, May 14, 2008

दुर्भाग्य

चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी
मन मे, ब्लाग के सिर्षक को लेकर जरूर सवाल खड़ा होगा पर क्या करू.... मै देख रहा हुँ कुछ प्रश्न
हिन्दी पिछड़ी क्यों है,
यह हिन्दी का दुर्भाग्य।
अराजकता,हिंसा,
नक्सलवाद,उग्रवाद,
गरीबी,भूख,बेकारी,लाचारी,
शासन,अनुशासन,धूल उड़ाते श्वेत धारी,
गंदी,ओछी,स्वहित राजनित,
यह देश का दुर्भाग्य।
पानी-पानी, मंहगाई परेसानी,
जालसाजी,धूसखोरी,लटकती ,पेशानी,
गड़बड़ झाला,
चोर को माला,
यह है जनता का दुर्भाग्य।

Monday, May 12, 2008

आगमन

ब्लाग जगत मे मै भी आज पहुच गया।